शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
सर्वकल्याण एवं मांगलिक कार्य हेतु
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥ 17
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विवाह, गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्यों की निर्विघ्न पूर्णता
विस्तृत लाभ
विवाह, गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्यों की निर्विघ्न पूर्णता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वरदहस्ताय नमः
ॐ जिह्वां कृष्णप्रिया तथा।
ॐ ह्रीं बटुकाय मम कन्या विवाह बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ सरस्वत्यै स्वाहेति श्रोत्रं पातु निरन्तरम्। (स्वरूप: सरस्वती | लाभ: कानों, श्रवण-शक्ति व नाद-ग्रहण की रक्षा | अर्थ: सरस्वती मेरे कानों की निरंतर रक्षा करें) 8
ॐ दीप्तायै नमः
ॐ सुभाषिण्यै नमः