शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ शिवकर्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सबका मंगल (शिव) करने वाली देवी को नमन।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ दक्षिणां वृषभानुजा पातु।
ॐ ब्रह्मण्याय नमः
ॐ कामरूपकृतावासायै नमः
ॐ ह्रीं बटुकाय मम मनोवांछित कार्य सिद्धिं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
जलेषु मां रक्षतु मत्स्यमूर्तिर् यादोगणेभ्यो वरुणस्य पाशात्
श्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा वक्षः सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: हृदय व वक्ष-स्थल की रक्षा | अर्थ: विद्या देवी मेरे वक्ष की रक्षा करें) 8