शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ वाचे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वाक् (वाणी) और अभिव्यक्ति स्वरूपा देवी को नमन।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
यस्य त्वेतानि चत्वारि वानरेन्द्र यथा तव। धृतिर्दृष्टिर्मतिर्दाक्ष्यं स कर्मसु न सीदति॥
देवि प्रसीद परिपालय नोऽरिभीतेर्नित्यं यथासुरवधादधुनैव सद्यः। पापानि सर्वजगतां प्रशमं नयाशु उत्पातपाकजनितांश्च महोपसर्गान्॥ 18
ॐ प्रतापवते नमः
ॐ चतुर्व्यूहाय नमः
ॐ गणेश ऋणं छिन्धि वरेण्यं हुं नमः फट् ॥
ॐ सर्वसिद्धायै नमः