शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ वैष्णव्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
विष्णु की परम शक्ति 'वैष्णवी' को नमन।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं नीलांजना समाभास्वरूपिणी। या स्वाहा
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। ॐ ग्लौं हुं क्लीं जूं सः ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट् स्वाहा॥
ईशान्यां संहार भैरवाय नमः ईशाने मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
नारायण एवेदं सर्वं यद्भूतं यच्च भव्यम्
ॐ कालीयफणिमाणिक्यरञ्जितश्रीपदाम्बुजाय नमः
ॐ ऋक्षवानरसङ्घातिने नमः