शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
अहिर्बुध्न्य रुद्र मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं हुं समस्त ग्रह दोष विनाशाय ॐ
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनवग्रह शांति / दोष निवारण मंत्र
स्वरूपअहिर्बुध्न्य (पाताल निवासी कुंडलिनी स्वरूप शिव)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ह्रां, ह्रीं, हुं बीजों की शक्ति से मेरे समस्त ग्रह दोषों का विनाश करने वाले अहिर्बुध्न्य रुद्र को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कुंडली के समस्त नवग्रह दोषों और कालसर्प दोष की पूर्ण शांति
विस्तृत लाभ
कुंडली के समस्त नवग्रह दोषों और कालसर्प दोष की पूर्ण शांति 25।
जप काल
ग्रहण काल या शनि/राहु की महादशा में।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र