ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

सेनापति स्तुति (द्वितीय अनुवाक)

नमो हिरण्यबाहवे सेनान्ये दिशां च पतये नमः।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारवैदिक स्तुति
स्वरूपहिरण्यबाहु (स्वर्णिम भुजाओं वाले)
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

स्वर्णिम भुजाओं वाले, सेनापति और दिशाओं के स्वामी भगवान रुद्र को नमस्कार है 40।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

दिशाओं से आने वाले भय का नाश, और नेतृत्व क्षमता (Leadership) का विकास

विस्तृत लाभ

दिशाओं से आने वाले भय का नाश, और नेतृत्व क्षमता (Leadership) का विकास 37।

जप काल

यात्रा पर जाने से पूर्व।

इसे भी पढ़ें

अन्य देवताओं के मंत्र

प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र