शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ परमेश्वराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसर्वेश्वर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश के भी परम नियंता (परमेश्वर) हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अपने इन्द्रियों, मन और परिस्थितियों पर श्रेष्ठ नियंत्रण (Mastery) स्थापित करना
विस्तृत लाभ
अपने इन्द्रियों, मन और परिस्थितियों पर श्रेष्ठ नियंत्रण (Mastery) स्थापित करना।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्माकं दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ।
कृष्णाय वासुदेवाय देवकीनन्दनाय च । नन्दगोपकुमाराय गोविन्दाय नमो नमः ॥
ॐ सत्याय नमः
ॐ सीतान्वेषणपण्डिताय नमः
नमो अस्तु नीलग्रीवाय सहस्राक्षाय मीढुषे। अथो ये अस्य सत्त्वानोऽहं तेभ्योऽकरं नमः॥
ॐ जयायै नमः