शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ वज्रदेहाय वज्राय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपदेह रक्षा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वज्र के समान शरीर वाले को नमस्कार है। (भौतिक आघातों से पूर्ण सुरक्षा)।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पद्मसुन्दर्यै नमः
ॐ सर्ववर्णात्मिकायै पादयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: सर्ववर्णात्मिका | लाभ: दोनों पैरों की रक्षा | अर्थ: समस्त अक्षर-स्वरूपा देवी मेरे पैरों की रक्षा करें) 8
आलिङ्ग्य देवीं हरितां निषण्णां परस्परश्लिष्ट कटौ निविश्य । सन्ध्यारुणं पाशसृणीं वहन्तं भयापहं शक्ति गणपतिमीडे ॥
ॐ गन्धमादनशैलस्थाय नमः
ॐ दयात्मने नमः
ॐ अव्यग्राय नमः