शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परमहंस गायत्री मंत्र
ॐ परमहंसाय विद्महे महाहंसाय धीमहि तन्नो हंसः प्रचोदयात्।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपहंस अवतार
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हम महाहंस स्वरूप भगवान का ध्यान करते हैं; वे हमें उचित-अनुचित का विवेक प्रदान करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विवेक (Discrimination) की जागृति और सत्य-असत्य का ज्ञान
विस्तृत लाभ
विवेक (Discrimination) की जागृति और सत्य-असत्य का ज्ञान 66।
जप काल
गहन ध्यान के समय।
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