ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
पीताम्बरा

पीताम्बरा मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !

📿 पौराणिक•30 सेकंड पढ़ें
अंतिम अपडेट: 19 जनवरी 2026
तुरंत उत्तर

सिद्ध पीताम्बरा एकाक्षरी मंत्र रहस्य: रुद्रयामल तंत्र में वर्णित ब्रह्मास्त्र बीज मंत्र ! सिद्ध पीताम्बरा मंत्र रहस्य | Pitambara Baglamukhi Beej Mantra (Rudrayamala Tantra) पीताम्बरा:मंत्र पूर्ण तांत्रिक मंत्र: संबंधित मंत्र (रुद्रयामल तंत्र पर आधारित) “ॐ ह्लीं” चेतावनी: तंत्र शास्त्र में वर्णित ये मंत्र 'वीर्यवान' (अत्यंत शक्तिशाली) और 'उग्र' हैं। कुलार्णव तंत्र स्पष्ट निर्देश देता है...

ज्ञान-सार

अगर पूरा पोस्ट नहीं पढ़ना चाहते, तो यह सारांश पढ़ें — इससे आपको सटीक जानकारी मिलेगी।

क्लिक करते ही लेख के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु एक साफ, छोटे और भरोसेमंद सार में दिखेंगे।

WhatsApp
सिद्ध पीताम्बरा मंत्र रहस्य | Pitambara Baglamukhi Beej Mantra (Rudrayamala Tantra)

पीताम्बरा:मंत्र

पूर्ण तांत्रिक मंत्र: संबंधित मंत्र (रुद्रयामल तंत्र पर आधारित)
“ॐ ह्लीं”

चेतावनी:

तंत्र शास्त्र में वर्णित ये मंत्र 'वीर्यवान' (अत्यंत शक्तिशाली) और 'उग्र' हैं। कुलार्णव तंत्र स्पष्ट निर्देश देता है कि बिना गुरु दीक्षा और उचित संस्कार के इन मंत्रों का जप अनिष्टकारी हो सकता है। यह शोध केवल ज्ञानवर्धन और शास्त्रीय संरक्षण के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। क्रियात्मक प्रयोग हेतु सुयोग्य तंत्राचार्य का मार्गदर्शन अनिवार्य है।

शास्त्रीय मर्यादा एवं आध्यात्मिक अनुशासन का सदैव पालन करें।
लेख को संदर्भ सहित पढ़ें

पीताम्बरा मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' पर आगे क्या समझना जरूरी है

पीताम्बरा मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' के विषय में इस लेख का मूल संकेत यह है: सिद्ध पीताम्बरा एकाक्षरी मंत्र रहस्य: रुद्रयामल तंत्र में वर्णित ब्रह्मास्त्र बीज मंत्र !

पीताम्बरा श्रेणी के लेख आम तौर पर महत्व, विधि, समय, शास्त्रीय आधार और सावधानियों को अलग-अलग हिस्सों में खोलते हैं. Tantra संग्रह के दूसरे लेख यही पृष्ठभूमि और गहरी करते हैं।

पीताम्बरा मंत्र, सिद्ध पीताम्बरा मंत्र, एकाक्षरी बीज मंत्र जैसे जुड़े विषय आगे पढ़ने से यह समझ आता है कि विषय का व्यवहारिक उपयोग क्या है, किन परिस्थितियों में नियम बदलते हैं और किस जानकारी को प्राथमिकता देनी चाहिए।

•

पीताम्बरा के और लेख पढ़कर इस विषय की पृष्ठभूमि पूरी करें।

•

इसी विषय के 5 प्रश्न आपके व्यावहारिक संदेह साफ कर सकते हैं।

•

नीचे दिए गए 12 संबंधित लेख इस पेज को आगे बढ़ाते हैं।

❓ इस विषय के 5 प्रश्न

तंत्र साधना

बगलामुखी साधना कैसे करें?

बगलामुखी = पीताम्बरा — स्तम्भन विद्या। सब पीला अनिवार्य: वस्त्र, पुष्प, भोग, माला। मंत्र: 'ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं... स्तम्भय' (9 लाख)। हवन: हल्दी + घी। मंगलवार। ध्यान: पीतवर्णा, शत्रु-जिह्वा-ग्राहिणी। फल: शत्रु-स्तम्भन, न्यायिक विजय, अभिचार-रक्षण। दीक्षा अनिवार्य।

तंत्र साधना

बगलामुखी मंत्र जप के नियम

बगलामुखी साधना में पीले वस्त्र, पीला आसन और हल्दी की माला का उपयोग अनिवार्य है। यह अनुष्ठान रात्रि में होता है और इसमें ब्रह्मचर्य का पालन अत्यंत आवश्यक है।

परिचय और स्वरूप

माँ बगलामुखी को पीताम्बरा देवी क्यों कहते हैं?

'पीताम्बरा देवी' = पीले वस्त्र धारण करने वाली। वर्ण = सुनहरी या पीली आभा। पीले कमलों से भरे अमृत सागर के मध्य स्वर्ण सिंहासन पर विराजमान।

परिचय और स्वरूप

माँ बगलामुखी कौन हैं — दस महाविद्याओं में इनका क्या स्थान है?

माँ बगलामुखी = दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या। 'पीताम्बरा देवी' या 'ब्रह्मास्त्र रूपिणी' भी कहते हैं। मुख्य शक्ति = स्तंभन — शत्रुओं की वाणी, गति और बुद्धि को स्थिर करना।

रामचरितमानस — बालकाण्ड

जनकपुर में बारात का स्वागत कैसे हुआ?

भव्य स्वागत — नगर सजा, तोरण-पताकाएँ। दशरथ-जनक का प्रेमपूर्ण मिलन। रामजी का विवाह-श्रृंगार — मोर-कण्ठ-सी कान्ति, पीताम्बर, विवाह आभूषण। सब मंगल सुहावने।

📚 इसे भी पढ़ें

हंसी

हंसी यक्षिणी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल मंत्र' !

विभ्रमा

विभ्रमा यक्षिणी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल मंत्र'

विचित्रा

विचित्रा यक्षिणी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !

हाकिनी

हाकिनी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !

शाकिनी

शाकिनी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !

काकिनी

काकिनी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !

लाकिनी

लाकिनी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !

डाकिनी

डाकिनी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ'

महालक्ष्मी

महालक्ष्मी यक्षिणी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !

मातंगी

मातंगी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !

धूमावती

धूमावती मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !

प्रत्यंगिरा

विपरीत प्रत्यंगिरा मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !