शिव पूजा नियमशिव की पूजा में ग्रहण काल विशेष रूप से शुभ क्यों माना जाता है?ग्रहण = ब्रह्मांडीय ऊर्जा संकेंद्रण — जप 100-1000 गुना फल। शिव = राहु-केतु नियंत्रक। महामृत्युंजय जप सर्वोत्तम। ग्रहण स्पर्श→मोक्ष तक जप। ग्रहण बाद स्नान + दान।#ग्रहण#सूर्य ग्रहण#चंद्र ग्रहण
शिव पूजा नियमशिव की पूजा में माला गिर जाए तो क्या नियम है?तुरंत उठाएं → गंगाजल/जल छिड़कें → 'ॐ नमः शिवाय' 3-5 बार → जहां छूटा वहीं से जारी। रुद्राक्ष: गंगाजल + 11 जप। टूट जाए: नदी विसर्जन/पीपल नीचे। माला गिरना = पूजा भंग नहीं।#माला#गिरना#नियम