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सिलचर राहुकाल 26 नवंबर 2025, बुधवार

असम

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⚠️राहु काल
11:06 – 12:27

इस समय नए कार्य प्रारंभ न करें।

💀यमगंड काल
07:04 – 08:24

यम का अशुभ काल — यात्रा और शुभ कार्य वर्जित।

🔴गुलिक काल
09:45 – 11:06

मांदी/गुलिक का काल — सावधानी बरतें।

🌅सूर्योदय
05:43
🌇सूर्यास्त
16:29

अन्य शहरों में राहु काल — 26 नवंबर 2025, बुधवार

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राहु काल क्या है?

राहु काल प्रतिदिन लगभग 1.5 घंटे का अशुभ समय होता है जो राहु ग्रह के प्रभाव में रहता है। यह समय सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच की अवधि को 8 बराबर भागों में बाँटकर निकाला जाता है। प्रत्येक सप्ताह के दिन का राहु काल अलग होता है। सिलचर के अक्षांश-देशांतर के अनुसार यहाँ का राहु काल अन्य शहरों से भिन्न हो सकता है। इस समय नया कार्य, यात्रा, व्यापार या कोई भी शुभ कार्य प्रारंभ नहीं करना चाहिए।

अशुभ समय को सही संदर्भ में समझें

सिलचर में 26 नवंबर 2025, बुधवार के राहुकाल का उपयोग कैसे करें

सिलचर में 26 नवंबर 2025, बुधवार का राहुकाल पेज मुख्य रूप से यह बताता है कि नए काम शुरू करने से किस समय बचना चाहिए। इसका मतलब यह नहीं है कि पूरा दिन अशुभ है; यह सिर्फ एक निषेध-काल की पहचान है।

अगर आपको शुभ समय चुनना है, तो राहुकाल को अकेले न पढ़ें। उसी दिन के शुभ मुहूर्त, चौघड़िया और पंचांग सारांश को साथ देखने पर निर्णय ज्यादा भरोसेमंद होता है।

10 दूसरे शहरों के समय साथ में देखने का फायदा यह है कि राहुकाल सूर्योदय-सूर्यास्त के अंतर से बदलता है। इसलिए शहर बदलते ही समय भी बदल सकता है।

नया व्यापार, निवेश, यात्रा या शुभ कार्य राहुकाल के बाहर शुरू करें.

नित्य पूजा, जप या पहले से चल रहे काम राहुकाल में जारी रह सकते हैं.

यदि निर्णय सीमित समय में लेना हो, तो पहले राहुकाल हटाएँ और फिर शेष स्लॉट में शुभ मुहूर्त या चौघड़िया देखें.

सिलचर राहुकालसिलचर मुहूर्तसिलचर पंचांग

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र: सिलचर में 26 नवंबर 2025, बुधवार को राहु काल कब है?
उ: सिलचर में 26 नवंबर 2025, बुधवार को राहु काल 11:06 – 12:27 है।
प्र: राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए?
उ: राहु काल में नया कार्य, यात्रा, व्यापार, शुभ कार्य और निवेश से बचना चाहिए। यह समय अशुभ माना जाता है।
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