इन्द्राक्षी मंत्ररुद्रयामल तंत्रहिन्दी
माँ इन्द्राक्षी सर्व रोग नाशक प्राणेश्वरी मंत्र -रुद्रयामल तंत्र
श्रीदेवता✦ इन्द्राक्षी
दुर्गा साधनाइन्द्राक्षी मंत्ररोग नाशक मंत्ररुद्रयामल तंत्र
तंत्र संदर्भ
स्रोत में 'इन्द्राक्षी-मन्त्र' शीर्षक के अंतर्गत यह चतुर्थ मन्त्र दिया गया है।
मूल मंत्र
॥ इन्द्राक्षी-मन्त्र ४. ॐ ह्वीं ॐ नमो भगवति प्राणेश्वरि पद्मासने लम्बोष्ठि कम्बकण्ठिके कलि कामरूपिणि परमन्त्रपरयन्त्रपरतन्त्रप्रभेदिनि प्रतिपक्षविध्वंसिनि परबलदुर्गविमर्दिनि शत्रुकरच्छेदिनि सकलदुष्टज्वरनिवारिणि भूतप्रेतपिशाचब्रह्मराक्षसयक्षयमदूतशाकिनीडाकिनी-कामिनीस्तम्भिनीमोहिनीवंशकरीकुक्षिरोगशिरोरोगनेत्ररोगक्षयापस्मारकुष्ठादिमहारोगनिवारिणि मम सर्वरोगान् नाशय नाशय हां हीं हः हूं फट् स्वाहा ।
बीज मंत्र
ह्वींहांहींहःहूं
साधना विधि
स्रोत में यह 'इन्द्राक्षी-मन्त्र' सूची का चतुर्थ मन्त्र है।
प्रयोग — कब और कहाँ
- इन्द्राक्षी मन्त्र जप
- सर्वरोग नाशन
- सकलदुष्टज्वर निवारण
- भूतप्रेतपिशाच सम्बद्ध बाधा निवारण
लाभ
- सर्वरोग नाशन
- सकलदुष्टज्वर निवारण
- इन्द्राक्षी मन्त्र जप
मूल पाठ (तंत्र से उद्धरण)
॥ इन्द्राक्षी-मन्त्र ४. ॐ ह्वीं ॐ नमो भगवति प्राणेश्वरि पद्मासने लम्बोष्ठि कम्बकण्ठिके कलि कामरूपिणि परमन्त्रपरयन्त्रपरतन्त्रप्रभेदिनि प्रतिपक्षविध्वंसिनि परबलदुर्गविमर्दिनि शत्रुकरच्छेदिनि सकलदुष्ट- ज्वरनिवारिणि भूतप्रेतपिशाचब्रह्मराक्षसयक्षयमदूतशाकिनीडाकिनी- कामिनीस्तम्भिनीमोहिनीवंशकरीकुक्षिरोगशिरोरोगनेत्ररोगक्षयापस्मार- कुष्ठादिमहारोगनिवारिणि मम सर्वरोगान् नाशय नाशय हां हीं हः हूं फट् स्वाहा ।
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