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वैदिक त्र्यम्बक मृत्युंजय मंत्ररुद्रयामल तंत्रहिन्दी

वैदिक त्र्यम्बक मृत्युंजय मंत्र त्र्यम्बकं यजामहे -रुद्रयामल तंत्र

श्रीदेवतामहामृत्युंजय भगवान् महादेव

शिव साधनामहामृत्युंजय मंत्रवैदिक मंत्रत्र्यम्बक मंत्ररुद्रयामल तंत्र

तंत्र संदर्भ

महामृत्युंजय के नाम से प्राप्त होने वाले विभिन्न मन्त्रों के स्वरूप में सातवाँ रूप वैदिक-त्र्यम्बक मृत्युंजय मन्त्र—(३२ अक्षर) दिया गया है। स्रोत में इसे वेद में त्र्यम्बक-मृत्युंजय-मन्त्र के रूप में प्राप्त ३२ अक्षरों का मन्त्र कहा गया है।

मूल मंत्र

महामृत्युंजय के नाम से प्राप्त होने वाले विभिन्न मन्त्रों के स्वरूप

७. वैदिक-त्र्यम्बक मृत्युंजय मन्त्र—(३२ अक्षर)

वेद में त्र्यम्बक-मृत्युंजय-मन्त्र के रूप में ३२ अक्षरों का मन्त्र
इस रूप में प्राप्त होता है—

त्र्यम्बकं यजामहे, सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

यह मूलमन्त्र सुप्रसिद्ध है।

प्रयोग — कब और कहाँ

  • वैदिक त्र्यम्बक मृत्युंजय मन्त्र
  • ३२ अक्षरी मन्त्र
  • शिव साधना
वैदिक त्र्यम्बक मृत्युंजय मंत्र त्र्यम्बकं यजामहे -रुद्रयामल तंत्र — रुद्रयामल तंत्र | Pauranik