ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
वरलाभार्थं रुक्मिणीवल्लभ मन्त्ररुद्रयामल तंत्रहिन्दी

वरलाभार्थं रुक्मिणीवल्लभ मंत्र और पतिकामना जप विधि -रुद्रयामल तंत्र

श्रीदेवताश्रीरुक्मिणीवल्लभ

वर लाभ मंत्रपतिकामना मंत्ररुक्मिणीवल्लभ मंत्रवैष्णव उपासनारुद्रयामल तंत्र

तंत्र संदर्भ

स्रोत में ‘वरलाभार्थं रुक्मिणीवल्लभ का मन्त्र’ पूर्ण सफलता दिलाने वाला बताया गया है। इसके अंतर्गत विनियोग, ऋष्यादिन्यास, कर-हृदयादिन्यास, ध्यान और मूल मन्त्र दिया गया है।

मूल मंत्र

(ग) ‘वरलाभार्थं रुक्मिणीवल्लभ का मन्त्र’--यह मन्त्र भी पूर्ण
सफलता दिलाने वाला है। इसका विधान इस प्रकार है--

विनि०--अस्य श्रीरुक्मिणीवल्लभमन्त्रस्य नारदऋषिः अनुष्टुप्
छन्दः श्रीरुक्मिणीवल्लभो देवता ममोत्तमवरलाभार्थं जपे विनियोगः।

ऋष्यादिन्यास--नारदर्षये नमः (शिरसि), अनुष्टुप्छन्दसे नमः
(मुखे), रुक्मिणीवल्लभदेवतायै नमः (हृदये), विनियोगाय नमः
(सर्वांगे)।

कर-हृदयादिन्यास--ॐ (अंगु० हृदयाय०), नमः (तर्जनी शिरसे),
भगवते (मध्यमा शिखायै), रुक्मिणीवल्लभाय (अना० कवचाय०),
स्वाहा (करतल० अस्त्राय०)।

ध्यान--भगवन् देवदेवेश, रुक्मिणीवल्लभप्रभो।
कृपया पतिकामाय, देहि मे वरमुत्तमम्॥

मूल मन्त्र--ॐ नमो भगवते रुक्मिणीवल्लभाय।

बीज मंत्र

साधना विधि

स्रोत में इस मन्त्र का विधान विनियोग, ऋष्यादिन्यास, कर-हृदयादिन्यास और ध्यान के साथ दिया गया है। मूल मन्त्र 'ॐ नमो भगवते रुक्मिणीवल्लभाय' दिया गया है।

प्रयोग — कब और कहाँ

  • वरलाभार्थ जप
  • पतिकामना
  • पूर्ण सफलता
  • विनियोग
  • ऋष्यादिन्यास
  • कर-हृदयादिन्यास
  • ध्यान

लाभ

  • पूर्ण सफलता दिलाने वाला बताया गया
  • उत्तम वर लाभार्थ जप विनियोग दिया गया
  • पतिकामना के लिए ध्यान में प्रार्थना दी गई

मूल पाठ (तंत्र से उद्धरण)

(ग) ‘वरलाभार्थं रुक्मिणीवल्लभ का मन्त्र’--यह मन्त्र भी पूर्ण सफलता दिलाने वाला है। इसका विधान इस प्रकार है-- विनि०--अस्य श्रीरुक्मिणीवल्लभमन्त्रस्य नारदऋषिः अनुष्टुप् छन्दः श्रीरुक्मिणीवल्लभो देवता ममोत्तमवरलाभार्थं जपे विनियोगः। ऋष्यादिन्यास--नारदर्षये नमः (शिरसि), अनुष्टुप्छन्दसे नमः (मुखे), रुक्मिणीवल्लभदेवतायै नमः (हृदये), विनियोगाय नमः (सर्वांगे)। कर-हृदयादिन्यास--ॐ (अंगु० हृदयाय०), नमः (तर्जनी शिरसे), भगवते (मध्यमा शिखायै), रुक्मिणीवल्लभाय (अना० कवचाय०), स्वाहा (करतल० अस्त्राय०)। ध्यान--भगवन् देवदेवेश, रुक्मिणीवल्लभप्रभो। कृपया पतिकामाय, देहि मे वरमुत्तमम्॥ मूल मन्त्र--ॐ नमो भगवते रुक्मिणीवल्लभाय।

[object Object]

वरलाभार्थं रुक्मिणीवल्लभ मंत्र और पतिकामना जप विधि -रुद्रयामल तंत्र — रुद्रयामल तंत्र | Pauranik