आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ किस परिस्थिति में करना चाहिए?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
वाल्मीकि रामायण युद्ध काण्ड सर्ग 105: अगस्त्य→राम (थके+चिंतित) → तीन बार जप → रावण वध। परिस्थिति: विजय/सफलता, संकट/कष्ट, निराशा/थकान, सूर्य ग्रह शांति, नेत्र/हृदय रोग। सूर्योदय, 3 बार, रविवार। बिना दीक्षा सभी। 30 श्लोक।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
स्तोत्र
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।