का सरल उत्तर
आहुति सदैव अग्नि के मध्य भाग में (सर्वाधिक प्रज्वलित स्थान) दें। किनारे या धुएं में देना निषिद्ध। शास्त्र: कान में होम → बहरा, नाक में → तनाव, आँख में → अंधा। अर्थात् आहुति पूर्ण प्रज्वलित ज्वाला में ही दें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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