का सरल उत्तर
अग्नि स्थापन मंत्र: 'ॐ भूर्भुवः स्वर्द्यौरिव भूम्ना पृथिवीव वरिम्णा। तस्यास्ते पृथिवि देवयजनि पृष्ठेऽग्निमन्नादमन्नाद्यायादधे॥' अर्थ: हे देवयजनि पृथ्वी! तेरे पृष्ठ भाग पर अग्निदेव को अन्न-प्राप्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए स्थापित करता हूँ।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।