अमावस्या पर तर्पण करने का क्या विशेष महत्व है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
अमावस्या तर्पण: पितृ तिथि (आत्मा निकट), चन्द्र अनुपस्थित (पितर काल), दर्शश्राद्ध (नित्य कर्तव्य), मासिक। सर्वपितृ अमावस्या=सर्वाधिक। सोमवती/भौमवती=विशेष। दक्षिण मुख→तिल-जौ-कुश→तर्पण।
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श्राद्ध-पितृ कर्म
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