का सरल उत्तर
अनाहत चक्र का बीज मंत्र 'यं' (Yam) है — यह हृदय में स्थित, वायु तत्त्व से संबद्ध है। साधना से प्रेम, करुणा, क्षमा और हृदय रोगों से रक्षा होती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।