अनाहत चक्र और माँ कूष्मांडा का क्या संबंध है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
माँ कूष्मांडा = सृष्टि की आरंभिक ऊर्जा का प्रतीक। इनकी आराधना से साधक का अनाहत चक्र जाग्रत होता है → प्रेम + करुणा + स्वास्थ्य के गुण विकसित।
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