का सरल उत्तर
फलश्रुति के अनुसार भक्तिपूर्वक इस स्तोत्र का पाठ करने वाला संसार में सम्मानित होता है, दीर्घायु पाता है, अनंत काल तक सौभाग्य और समस्त सिद्धियाँ प्राप्त करता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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