बालकाण्ड में तुलसीदासजी ने अपने को क्या कहकर विनम्रता प्रकट की है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
तुलसीदासजी ने स्वयं को 'मति अति नीच' (अत्यन्त नीची बुद्धि वाला), 'मन मति रंक' (मन-बुद्धि से कंगाल), और काव्य ज्ञान से रहित बताकर विनम्रता प्रकट की। कहा कि बुद्धि कंगाल है पर मनोरथ राजा है।
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रामचरितमानस — बालकाण्ड
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