का सरल उत्तर
'बटुकाय' बटुक भैरव के बाल स्वरूप को संबोधित करता है — यह मंत्र का वह अंग है जो उनके सौम्य बाल स्वरूप का आह्वान करता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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