का सरल उत्तर
मन शांत करें, आँखें बंद कर इष्टदेव का स्मरण करें और जो मन में हो — खुशी, दुख, शिकायत — सब सच बोलें। बाद में मौन में सुनें। प्रकृति में, दिनचर्या में, सोते-जागते — भगवान का स्मरण ही सबसे सहज संवाद है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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