भैरव तंत्र साधना कैसे करें?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
भैरव के रूप: बटुकभैरव (सौम्य-संकट), कालभैरव (उग्र-सिद्धि)। विधि: कालाष्टमी, रविवार, अर्धरात्रि। वस्त्र: काला/भगवा, रुद्राक्ष माला। मंत्र: बटुकभैरव ('ॐ ह्रीं बटुकाय... हूं'), कालभैरव ('ॐ हूं भैरवाय नमः' — 6 लाख)। भोग: उड़द-तिल, सरसों दीपक। फल: शत्रु-निवारण, क्षेत्र-रक्षण, अकाल-मृत्यु से रक्षा।
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