चार वर्ण कैसे बने मूल उद्देश्य क्या था
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
गीता 4.13 — वर्ण गुण-कर्म से, जन्म से नहीं। मूल उद्देश्य: सामाजिक श्रम विभाजन — ब्राह्मण (ज्ञान), क्षत्रिय (रक्षा), वैश्य (अर्थ), शूद्र (सेवा)। महाभारत — 'कर्म से ब्राह्मण, जाति से नहीं।' जन्म आधारित जाति = मूल सिद्धांत की विकृति, शास्त्रीय आदेश नहीं।
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