का सरल उत्तर
छठ पूजा 4 दिन: नहाय-खाय → खरना (निर्जला, शाम खीर-प्रसाद) → षष्ठी संध्या अर्घ्य (डूबते सूर्य को, कमर तक जल में) → सप्तमी प्रातः अर्घ्य (उगते सूर्य)। बाँस सूप में ठेकुआ-फल-गन्ना। 'ॐ सूर्याय नमः।' कठोरतम व्रत।
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