का सरल उत्तर
कठिनतम कारण: (1) उग्रतम स्वरूप — स्वयं मस्तक काटकर रक्तपान। (2) पूर्ण अहंकार नाश = सबसे कठिन। (3) काम पर विजय (रति-काम पर आसीन)। (4) कुण्डलिनी सर्वोच्च अवस्था। (5) श्मशान/रात्रि/गोपनीय। (6) गलत विधि = गंभीर हानि। गुरु दीक्षा अनिवार्य। [समीक्षा आवश्यक]
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।