का सरल उत्तर
देव पूजा में चांदी इसलिए वर्जित है क्योंकि इसकी शीतल चंद्र-प्रधान ऊर्जा देवताओं की उग्र सूर्य-प्रधान ऊर्जा से मेल नहीं खाती — इस ऊर्जा-असंगति से देव पूजा प्रभावित होती है। चांदी पितृ-कार्य में श्रेष्ठ है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।