का सरल उत्तर
तांबा विशुद्ध धातु है जिसमें कोई मिश्रण नहीं — इसमें रखा जल ऊर्जा ग्रहण करके पवित्र होता है। इससे सूर्य को अर्घ्य देने पर कुंडली में सूर्य-चंद्र-मंगल मजबूत होते हैं और नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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