ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

देव दीपावली पर काशी में दीपदान का क्या विधान है

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

काशी देव दीपावली: कार्तिक पूर्णिमा। प्रातः गंगा स्नान → शिव पूजा (त्रिपुरारि) → सन्ध्या में 84 घाटों पर लाखों दीये → दशाश्वमेध घाट महा गंगा आरती → गंगा में दीये प्रवाहित → रात्रि जागरण। स्कन्द पुराण: दीपदान = सर्वपापनाश। शिव का त्रिपुरासुर वध उपलक्ष्य।

सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
पर्व

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।