का सरल उत्तर
ध्रुवलोक से महर्लोक एक करोड़, महर्लोक से जनलोक दो करोड़ और जनलोक से तपोलोक आठ करोड़ योजन ऊपर है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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