का सरल उत्तर
प्रार्थना: मैं→ईश्वर (बोलना), द्वैत, भक्ति। ध्यान: ईश्वर→मैं (सुनना), अद्वैत, शांति। 'प्रार्थना=बात करना। ध्यान=सुनना।' सर्वोत्तम: पहले बोलो→फिर सुनो।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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