का सरल उत्तर
नहीं, दुर्घटना/अप्राकृतिक मृत्यु से मरे व्यक्ति का श्राद्ध प्रतिपदा को वर्जित है — चाहे उनकी मृत्यु प्रतिपदा को ही क्यों न हुई हो। उनका श्राद्ध केवल 'चतुर्दशी' (घट चतुर्दशी / घायल चतुर्दशी) को होता है। यह धर्मशास्त्र का कठोर और अलङ्घ्य नियम है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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