का सरल उत्तर
द्वादशाह बारहवें दिन का कृत्य है, जिसमें प्रेत की तृप्ति और सपिण्डीकरण का विधान जुड़ा है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।