का सरल उत्तर
गीता पढ़ने से आत्म-ज्ञान, क्रोध-मुक्ति, मानसिक शांति, कर्म में स्पष्टता और मोक्ष का मार्ग मिलता है। गीता (18/66) के अनुसार सम्पूर्ण शरण लेने से पापों से मुक्ति होती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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