का सरल उत्तर
हाटक रस पीने से मिथ्या अहंकार जाग्रत होता है — व्यक्ति खुद को ईश्वर समझता है, दस हजार हाथियों का बल महसूस करता है और मृत्यु का भय भूल जाता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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