का सरल उत्तर
ईश्वरोऽहं का भाव हाटक रस से नहीं आत्मज्ञान से आना चाहिए। भौतिक नशे में 'मैं ईश्वर हूँ' कहना सबसे बड़ा अज्ञान है — यही अतल लोक का दार्शनिक संदेश है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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