का सरल उत्तर
हवन की भस्म = अभेद्य रक्षा-कवच। यह मानव शरीर के अंतिम सत्य (राख) का प्रतीक। शिव पुराण: नित्य भस्म धारण करने वाले को संपूर्ण तीर्थों और यज्ञों का फल स्वतः प्राप्त होता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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