का सरल उत्तर
महामृत्युंजय मंत्र की आहुति: कम से कम 11 या 21 बार। 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् स्वाहा।' फल: बुद्धि का परिष्कार और दीर्घायु की प्राप्ति।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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