का सरल उत्तर
उपले+घी → परतें (वायु हो) → दीपक से प्रज्वलित → पंखा। 'ॐ भूर्भुवः स्वः'। अमर उजाला: 'निरंतर प्रज्वलित, धुआं नहीं। केरोसीन/स्प्रिट=कभी नहीं!' गायत्री मंत्र।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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