हवन में स्वाहा बोलने का क्या अर्थ है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
'सु+आहा'='अच्छी तरह अर्पित।' अग्नि=देवमुख, स्वाहा=अग्नि पत्नी (पुराण)। 'हे अग्नि, देवता तक पहुंचाओ!' 'इदं न मम'='मेरा नहीं'=समर्पण। बिना स्वाहा=अधूरी।
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हवन/यज्ञ
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