का सरल उत्तर
क्योंकि यह 'लक्ष्मी स्थान' (भाग्य) और 'विष्णु स्थान' (कर्म) का मिलन है। इसमें इंसान का भाग्य उसके कर्म का पूरा साथ देता है, जिससे वह अपार सफलता पाता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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