ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

जनकपुर में राजा जनक ने विश्वामित्रजी का कैसे स्वागत किया?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

जनक ने ब्राह्मणों के साथ आकर दण्डवत किया, आसन दिया, चरण पखारे, भोजन करवाया। रामजी को देखकर मुग्ध हो गये — 'जनु चकोर पूरन ससि लोभा' — जैसे चकोर पूर्ण चन्द्रमा देखकर लुभा जाये।

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रामचरितमानस — बालकाण्ड

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