कालभैरव अष्टकम का पाठ कब करना चाहिए?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
शंकराचार्य रचित। कब: कालाष्टमी (कृष्ण अष्टमी), भैरवाष्टमी (मार्गशीर्ष), शनिवार/मंगलवार, रात्रि। उद्देश्य: भय नाश (काल=मृत्यु भय), शत्रु नाश, समय अधिपति, काशी मोक्ष। बिना दीक्षा सभी पढ़ सकते।
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