का सरल उत्तर
अज्ञा चक्र (भ्रूमध्य) = 'तीसरी आँख'। ॐ का 'म' = अज्ञा चक्र में गूंजे। अर्थ: शारीरिक आँख नहीं — अंतर्ज्ञान, विवेक, आध्यात्मिक दृष्टि सक्रिय। क्रमिक प्रक्रिया — वर्षों की साधना। गुरु आवश्यक। भ्रामक दावों से बचें। ॐ = सुरक्षित मार्ग।
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