का सरल उत्तर
नहीं, यह कोई साधारण नींद नहीं है बल्कि 'योगनिद्रा' है। इस दौरान भगवान अपनी शक्तियों को प्रकृति के विकास (बारिश और हरियाली) में लगा देते हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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