का सरल उत्तर
माँ धूमावती = 'शून्य' और 'अभाव' का प्रतिनिधित्व — जो सृष्टि से पहले और प्रलय के बाद विद्यमान रहता है। धूमावती साधना = शून्यता और अभाव की शक्ति को समझना और उससे परे जाना। तंत्र: जीवन के नकारात्मक पहलू भी आध्यात्मिक विकास के साधन।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।