महामाया को 'शव-छेदन' की अधिष्ठात्री क्यों कहते हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
महामाया = शव-छेदन की उग्र तांत्रिक क्रिया की अधिष्ठात्री। प्रतीकार्थ: संसारिक आसक्ति रूपी 'शव' को काटकर अलग करना = भौतिक बंधनों से मुक्ति।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
आध्यात्मिक और तांत्रिक महत्व
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।